Sunday, November 30, 2025
spot_img
Homeछपरा न्यूजविश्व धरोहर सप्ताह के उपलक्ष्य में छपरा संग्रहालय में संगोष्ठी आयोजित

विश्व धरोहर सप्ताह के उपलक्ष्य में छपरा संग्रहालय में संगोष्ठी आयोजित

उद्घाटन करते अतिथि

Chhapra/छपरा.विश्व धरोहर सप्ताह के उपलक्ष्य में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के स्वायत्त संस्थान बिहार विरासत विकास समिति, पटना एवं छपरा संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन छपरा संग्रहालय के सभागार में किया गया. जिसका विषय संस्कृतियों का समागम : सारण की पुरातात्विक धरोहर’ था. इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ डीएन सिन्हा ने विश्वदाय स्मारक : इतिहास एवं वर्तमान परिदृश्य पर अपना संबोधन तथा सारण परिक्षेत्र के पुरातात्विक महत्व को इंगित करते हुए कई पुरातात्विक स्थलों के ऊपर अपने विचार प्रस्तुत किये. दूसरे वक्ता के रूप में प्रो पृथ्वीराज सिंह ने सारण परिक्षेत्र के औपनिवेशिक स्थापत्य पर प्रकाश डाला तथा इस क्षेत्र के गहन सर्वेक्षण की आवश्यकता पर बल दिया. डॉ अनीता कुमारी, विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग, राम जयपाल महाविद्यालय, छपरा ने पुरातत्त्व एवं विरासत के महत्व को रेखांकित करते हुए इस क्षेत्र में उपलब्ध पेशेगत सम्भावनाओं की विस्तार से चर्चा की. डॉ रितेश्वर नाथ तिवारी, सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग, जय प्रकाश विश्वविद्यालय ने सारण परिक्षेत्र की अमूर्त विरासत के विस्तृत अध्ययन एवं उन्हें संरक्षित किये जाने हेतु व्यापक कदम उठाये जाने को अपेक्षित बताया. डॉ शिव प्रकाश यादव, सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग, राम जयपाल महाविद्यालय, छपरा ने कहा कि दैनिक जीवन में उठाये गए छोटे-छोटे कदम विरासत संरक्षण की दिशा में एक लम्बी छलांग साबित हो सकते हैं. छपरा संग्रहालय, छपरा के सहायक संग्रहालयाध्यक्ष डॉ विमल तिवारी ने स्वागत उद्बोधन एवं विषय प्रवेश करते हुए भारत के विश्वदाय स्मारकों के बारे में तथा आज के आयोजन के सम्बन्ध में बताया. समन्वय एवं धन्यवाद बिहार विरासत विकास समिति के समन्वयक डॉ. अमित रंजन ने किया. इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी डॉ विभा भारती, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, राम जयपाल कॉलेज, छपरा सहित अन्य कॉलेज के विद्यार्थी, स्काउट एवं गाइड के कैडेट, शिक्षकगण तथा संग्रहालय कर्मी एवं बिहार विरासत विकास समिति के कर्मी उपस्थित रहे.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments