
गंगा सिंह महाविद्यालय में शिक्षण और अनुसंधान विषयक व्याख्यान का हुआ आयोजन
Chhapra/छपरा.रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल, गंगा सिंह महाविद्यालय, छपरा की ओर से महाविद्यालय में बीसीए और बीबीए के छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षण और अनुसंधान विषयक व्याख्यान का आयोजन किया गया. मुख्य वक्ता प्राचार्य प्रो प्रमेन्द्र रंजन सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकास का स्वरूप और उसके निर्धारण में शोध की अहम भूमिका है. उन्होंने अनेक उदाहरणों से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि जिज्ञासा मनुष्य की जन्मजात प्रवृति है और आवश्यकता ही अविष्कार की जननी होती है. अध्ययन, चिंतन और मनन के आधार पर ही किसी भी अनुसंधान की श्रेष्ठता और उसकी उपादेयता सिद्ध की जा सकती है. उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से कहा कि आप अपनी शक्ति को पहचानें, कमजोरियों को चिन्हित करें, अवसर की तलाश करें और चुनौतियों का आकलन करते हुए जीवन में आगे बढ़ें. अर्थशास्त्र के प्राध्यापक नलिन रंजन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधन में बेहतर प्रदर्शन ही हमारा ध्येय होना चाहिए. शिक्षण के दौरान हमारा अप्रोच अनुसंधानात्मक होना चाहिए. शिक्षक संघ के सचिव डॉ संतोष कुमार सिंह ने महान वैज्ञानिक न्यूटन के जीवन और संघर्ष से जुड़े कुछ अहम पहलुओं की चर्चा करते हुए बतलाया कि सेब का नीचे गिरना कोई पहली बार नहीं हुआ था. लेकिन न्यूटन की मेधा ने इसी आधार पर गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त को दुनिया के सामने प्रतिपादित किया. बीसीए के शिक्षक विनय यादव और बीबीए के शिक्षक श्री हर्षवर्धन ने भी छात्रों को संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन राजीव कुमार गिरि ने किया. इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापक डॉ कमाल अहमद, डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह, डॉ राजेश मांझी, डॉ रुद्र नारायण शर्मा, डॉ नारायण दत्त शर्मा, डॉ नीलेश झा आदि के अलावा बीसीए और बीबीए में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही.



