विश्वजीत सिंह चंदेल ने कहा सत्य व न्याय की हुई जीत
10 साल पुराने मुकदमे में आया फैसला

Chhapra/छपरा. मुफस्सिल थाना में दस वर्ष पूर्व दर्ज एक मामले में व्यवहार न्यायालय, छपरा के न्यायिक दंडाधिकारी राकेश रंजन के द्वारा महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया. इस प्रकरण में शिक्षक नेता डॉ विश्वजीत सिंह चंदेल, सुभाष राय उर्फ झरिमन राय, डॉ हरिमोहन कुमार पिंटू, डॉ सुनील यादव उर्फ झोंझा राय, डॉ राजेश चंद्रा, गौतम राय एवं सोनू राय को न्यायालय द्वारा पूरी तरह दोषमुक्त कर रिहा किया गया. इस पूरे मामले में अधिवक्ता सुनीत कुमार ने प्रभावी बहस प्रस्तुत की. रिहाई के पश्चात उन्होंने कहा कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के तत्कालीन प्रॉक्टर द्वारा उस समय भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 448, 506, 341, 353, 342 एवं 379 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया था, जो न्यायालय में असत्य सिद्ध हुआ. उन्होंने बताया कि ये सभी लोग अपने छात्र जीवन के दौरान विश्वविद्यालय में फैली अनियमितताओं एवं भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे थे, जिस कारण सत्ता के दुरुपयोग के माध्यम से उन पर झूठा मुकदमा थोपा गया था. दस वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद आज न्याय की जीत हुई है. इस अवसर पर एनएसयूआइ के राष्ट्रीय महासचिव शशि कुमार उर्फ चुन्नू सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे. उन्होंने सभी दोषमुक्त साथियों को बधाई देते हुए कहा, न्यायालय में अंततः सत्य और न्याय की ही जीत होती है.



