राजेंद्र कॉलेज में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर जागरूकता व्याख्यान का आयोजन

Chhapra/छपरा. सेहत केंद्र तथा राष्ट्रीय सेवा योजना राजेंद्र कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बढ़ती लैंगिक हिंसा की रोकथाम, एआइ के दौर में डिजिटल हिंसा, महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण तथा छात्र-छात्राओं में संवेदनशीलता एवं जागरूकता का प्रसार करना था. वर्ष 2025 के लिए विषय ‘सभी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ डिजिटल हिंसा को समाप्त करने के लिए एकजुट होना’ है. मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ अनुपम कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा किसी भी सभ्य समाज पर एक कलंक है, और युवा पीढ़ी को इस समस्या के मूल में जाकर इसके समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. छात्रों को घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध, स्टॉकिंग, मानव तस्करी जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी. उन्होंने बताया कि कानूनी प्रावधानों जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, दहेज निषेध अधिनियम, लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम 2013 तथा पॉक्सो एक्ट का सही ज्ञान महिलाओं को सशक्त बनाता है और अन्याय के विरुद्ध खड़ा होने का साहस प्रदान करता है. महिलाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर हिंसा के दुष्प्रभावों की चर्चा की गयी तथा बताया गया कि समय पर परामर्श और सहायता प्राप्त करना पीड़ितों के पुनर्वास में अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस कार्यक्रम में शिक्षक डॉ रजनीश, डॉ नीलांबरी, डॉ प्रवीण, डॉ प्रत्यूष, भावेश कुमार समेत कई छात्र और छात्राएं उपस्थित थे.



