सारण के मांझी में सरयू नदी में नहाने गया युवक डूबा, खोजबीन में जुटी एसडीआरएफ की टीम
नहाने के क्रम में पैसा फिसलने से हुआ हादसा, परिजनों में कोलाहल
प्रशासन द्वारा देर से रेस्क्यू शुरू करने के कारण परिजनों ने किया हंगामा
सड़क जाम व आगजनी कर किया हंगामा, तब जाकर पहुंची एसडीआरएफ टीम

Chhapra/मांझी.मांझी नगर पंचायत क्षेत्र के दुर्गापुर गांव के सरयू नदी घाट पर मंगलवार को नहाते समय एक युवक डूब गया. युवक के डूबने की खबर पाकर बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे ग्रामीणों परिजनों के रुदन क्रन्दन से माहौल गमगीन हो गया. हालांकि ग्रामीणों ने तत्काल अपने स्तर से युवक की खोजबीन शुरू कर दी. हालांकि युवक को बरामद नही किया जा सका. सरयू नदी में डूबा युवक दुर्गापुर गांव निवासी प्रेम कुमार सिंह का पुत्र रौशन कुमार सिंह उम्र 20 वर्ष बताया जाता है. परिजनों ने बताया कि नदी में डूबा युवक पिछले दिनों सम्पन्न इंटर की परीक्षा का परीक्षार्थी था. लोगों ने बताया कि वह अन्य कई युवकों व घर की महिलाओं के साथ सरयू में नहाने गया था. इसी बीच पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया. डूबने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गयी. ग्रामीणों ने नदी में काफी खोजबिन किया लेकिन युवक नहीं मिल सका. नदी में डूबे युवक के पिता प्रेम कुमार सिंह गुजरात में प्राइवेट नौकरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं. परिजनों ने बताया कि रौशन कुमार के बड़े पापा हरेंद्र सिंह की पुत्री श्वेता कुमारी की सात मई को शादी की तिथि तय थी. इधर युवक के डूबने की घटना के बाद घर में चल रहा उत्सव का माहौल मातम में तब्दील हो गया.
प्रशासन ने देर से लिया संज्ञान तो आक्रोशित हुए परिजन
घटना की सूचना मिलने के बाद सीओ सौरभ अभिषेक के नही पहुंचने के बाद ग्रामीण अचानक आक्रोशित हो गये तथा स्थानीय जय प्रभा सेतु के एप्रोच मोड़ पर आगजनी करके एवं सड़क पर लकड़ी का गट्ठर आदि रखकर सड़क जाम कर दिया जिससे आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया. लगन का मौसम होने की वजह से छपरा के अलावा बलिया व ताजपुर तथा एकमा रोड होकर आने जाने वाले वाहनों का भयंकर जाम लग गया. इस दौरान यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. बाद में देर से पहुंचे सीओ को आक्रोशित लोगों ने बुरा भला कहकर वापस भेज दिया. लोगों का आरोप था कि सीओ ने युवक की खोजबीन में मदद करने तथा एसडीआरएफ की टीम बुलाने में उनका समुचित सहयोग नही किया. इधर जाम के दौरान मोड़ पर मौजूद पुलिस कर्मी भी मूकदर्शक बने हुए थे. आक्रोशित लोगों पर पुलिस कर्मियों के समझाने बुझाने का कोई असर नही हो रहा था.
सड़क जाम की सूचना पर पहुंचे एसडीओ तथा एसडीपीओ
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे छपरा के सदर एसडीओ नितेश कुमार को भी लोगों ने मोड़ से बैरंग वापस कर दिया. लोग तत्काल एसडीआरएफ की टीम बुलाने तथा भविष्य में एसडीआरएफ की टीम मांझी में स्थायी रूप से रखने की मांग कर रहे थे. जाम के दौरान कई राहगीरों व यात्रियों को आक्रोशित लोगों का कोपभाजन बनना पड़ा. शाम के साढ़े पांच बजे एसडीआरएफ टीम के पहुंचकर युवक की खोजबीन शुरू करने के बाद लोगों ने जाम हटा लिया तथा आवागमन पूर्ववत बहाल हो गया. शाम को सदर एसडीओ नितेश कुमार तथा एसडीपीओ राजकुमार की मौजूदगी में एसडीआरएफ की टीम द्वारा युवक की खोजबीन शुरू की गयी. हालांकि खबर भेजे जाने तक युवक को बरामद नही किया जा सका था तथा पुलिस जाम में फंसे वाहनों को सकुशल निकालने में जुटी हुई थी.




